तो दोस्तों कैसे हैं आप लोग, स्वागत है आपका आज के हमारे एक और नए आर्टिकल में, जहां हम आपके लिए एक और नई और मजेदार टॉपिक पर आर्टिकल लेकर आए हैं। तो दोस्तों वैसे तो आप हमारे इस आर्टिकल के टॉपिक को देखकर ही यह जान गए होंगे, कि आज के इस आर्टिकल में हम किस चीज के बारे में बात करने वाले हैं। जी हां आज के इस आर्टिकल में हम सिर्फ और सिर्फ हनुमान जी के बारे में ही बात करने वाले हैं।
तो दोस्तों अगर मैं आपसे पूछूं कि राम जी का सबसे प्रिय और और परम भक्त कौन है, और ऐसा कौन सा पात्र है जिसने रामायण में सबसे मुख्य भूमिका निभाई है। तो सीधे-सीधे आपके मुंह से एक ही नाम निकलेगा, वह है हनुमान जी का। हनुमान जी को और कई नामों से जाना जाता है, जैसे कि इन्हें बजरंगबली, अंजनी पुत्र, मारुती, बालाजी, पवन पुत्र ऐसे कई नामों से जाना जाता है, और आपकी जानकारी के लिए हम बता दें कि मंगलवार का दिन पवन पुत्र हनुमान जी को ही समर्पित होता है, तो इस दिन इनकी पूजा करने से हमें बहुत ही अच्छा फल प्राप्त होता है, और आप में से कई लोग ऐसे होंगे जो कि मंगलवार को हनुमान जी की पूजा करते भी होंगे।
तो दोस्तों आज का हमारा यह आर्टिकल हनुमान जी की पूजा को लेकर ही होने वाला है। क्योंकि कई लोगों को यह कंफ्यूजन होता है कि वह हनुमान जी की पूजा किस प्रकार से करें, और कई लोगों के दिमाग में हनुमान जी के पूजा को लेकर कई प्रकार के डाउट होते हैं जैसे कि हनुमान जी को पान कैसे चढ़ाया जाता है, हनुमान जी को सिंदूर कैसे चढ़ाया जाता है, हनुमान जी को माला कैसे चढ़ाई जाती है, हनुमान जी को प्रसन्न में कैसे किया जाता है, हनुमान जी का मंत्र क्या है, हनुमान जी को कौन से तेल का दीपक जलाना चाहिए। ना जाने ऐसे कई सारे सवाल हैं जिनके जवाब आपको आज के हमारे इस आर्टिकल में मिलने वाले हैं। तो अगर आप भी हनुमान जी के भक्त हैं, और हनुमान जी को प्रसन्न करना चाहते हैं। तो आज का हमारा यह आर्टिकल आपके लिए बहुत ही ज्यादा इंपॉर्टेंट होने वाला है, इसलिए इस आर्टिकल को लास्ट तक जरूर पढ़ें। तो चलिए बिना किसी देरी के आगे बढ़ते हैं, और आज के हमारे इस आर्टिकल को शुरू करते हैं।
हनुमान जी को बुलाने का मंत्र (Hanuman ji ka Mantra)
तो दोस्तों अगर हम आपसे कहे कि कलयुग में ऐसे कौन से भगवान हैं जो आज भी जीवित है, तो सीधे तौर पर आपके दिमाग में हनुमान जी का ही नाम आएगा। क्योंकि हनुमान जी को चिरंजीवी का वरदान मिला था जिसकी वजह से मान्यता है कि वह आज कलयुग के समय में भी हमारे पृथ्वी में विराजमान है, और हम सभी की रक्षा कर रहे हैं। वैसे तो उनके दर्शन कर पाना बहुत ही ज्यादा सौभाग्य की बात है। लेकिन हम आपको बता दें कि यह इतना भी ज्यादा आसान नहीं जीतन यह सुनने में लग रहा हैं, क्योंकि हनुमान जी का दर्शन करने के लिए आपको सभी बुरे चीजों को हमेशा के लिए त्यागना होगा, और सच्चे और निस्वार्थ मन से उनकी आराधना करनी होगी। तब जाकर हनुमान जी आपको अपने दर्शन देंगे। लेकिन हिंदू ग्रंथ के अनुसार एक ऐसा मंत्र है, जिसका पाठ करने से मान्यता है कि हनुमान जी आपको साक्षात दर्शन देते हैं, और इस मंत्र की विशेषता यह है कि इसे हनुमान जी ने स्वयं पिडुरू पर्वत के आदिवासियों को यह मंत्र दिया था, क्योंकि उस समय उन आदिवासियों ने हनुमान जी की सेवा की थी। अगर उस मंत्र की बात करें तो वह मंत्र है–
“ॐ नमो भगवते आंजनेयाय महाबलाय स्वाहा”
तो दोस्तों यह मंत्र है जिसका जाप करने से मान्यता है कि हनुमान जी (Hanuman Ji) आपको दर्शन देते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि कोई भी व्यक्ति इस मंत्र का जाप करें तो उसे हनुमान जी के दर्शन प्राप्त हो जाए या उसे उनकी कृपा प्राप्त हो जाए। हमने आपको पहले ही बता दिया है कि हनुमान जी के दर्शन करने के लिए आपको सच्चे और निस्वार्थ मन से उनकी आराधना करनी होगी, तभी आपको उनका दर्शन प्राप्त होगा, यानी कि तभी उनकी कृपा आपको प्राप्त होगी।
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हनुमान जी को बुलाने का शाबर मंत्र (Hanuman ji ka Sabar Mantra)
तो दोस्तों आपने हनुमान जी के कई मंत्रों के बारे में सुना होगा, लेकिन क्या आपको हनुमान जी को बुलाने या हनुमान जी को प्रसन्न करने हेतु शाबर मंत्र के बारे में मालूम है, अगर नहीं तो आपको चिंता करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि अब हम आप को हनुमान जी को प्रसन्न करने और उन्हें बुलाने हेतु शाबर मंत्र के बारे में बताने वाले हैं। अगर बात करें इस मंत्र की तो इसका पाठ करने से भी हनुमान जी बहुत ही ज्यादा प्रसन्न होते हैं और आपकी हर मनोकामना पूर्ण होती है, और आपको आपके हर दुख कष्ट से मुक्ति मिलती है, और बात करें शाबर मंत्रों की, तो हनुमान जी के पांच शाबर मंत्र हैं जिनके बारे में हमने आपको नीचे बताया है। तो आप इन पांचों शाबर मंत्रों का पाठ करके आसानी से हनुमान जी को प्रसन्न करके उनकी कृपा प्राप्त कर सकते हैं। तो चलिए अब आपको उन पांचों शाबर मंत्रों के बारे में बता देते हैं, जिनका पाठ करके आप हनुमान जी की कृपा प्राप्त कर सकते हैं।
1:ओम गुरुजी को आदेश गुरजी को प्रणाम, धरती माता धरती पिता, धरती धरे ना धीरबाजे श्रींगी बाजे तुरतुरि आया गोरखनाथमीन का पुत् मुंज का छड़ा लोहे का कड़ा हमारी पीठ पीछे यति हनुमंत खड़ा, शब्द सांचा पिंड काचास्फुरो मन्त्र ईश्वरो वाचा।
2:ॐ नमो आदेश गुरु को, सोने का कड़ा,
तांबे का कड़ा हनुमान वन्गारेय सजे मोंढे आन खड़ा ॥
3:बिस्तर के आस-पास।हवेली के आस-पास।
छप्पन सौ यादव।लंका-सी कोट,समुद्र-सी खाई।
राजा रामचंद्र की दुहाई।
4:ॐ हनुमान पहलवान पहलवान, बरस बारह का जबान, हाथ में लड्डू मुख में पान, खेल खेल गढ़ लंका के चौगान अंजनी का पूत, राम का दूत, छिन में कीलौनौ खंड का भूत, जाग जाग हड़मान (हनुमान) हुंकाला, ताती लोहा लंकाला, शीश जटाडग डेरू उमर गाजे, वज्र की कोठड़ी ब्रज का ताला आगे अर्जुन पीछे भीम, चोर नार चंपे ने सींण, अजरा झरे भरया भरे, ई घट पिंड की रक्षा राजा रामचंद्र जी लक्ष्मण कुंवर हड़मान (हनुमान) करें।
5:ॐ नमो बजर का कोठा,जिस पर पिंड हमारा पेठा।
ईश्वर कुंजी ब्रह्म का ताला,हमारे आठो आमो का जती हनुमंत रखवाला
तो दोस्तों यह थे हनुमान जी को प्रसन्न करने के उनके पच शाबर मंत्र, लेकिन हम आपको बता दें की शाबर मंत्र का पाठ करने के लिए कई प्रकार के नियम कानून होते हैं, जिनका पालन करके ही आपको शाबर मंत्र का जाप करना चाहिए, तभी आपको इसका पूरा फल मिलता है। इसलिए इन मंत्रों का पाठ करने से पहले उन नियमों के बारे में जान लें।
हनुमान जी को सिंदूर कैसे चढ़ाए (Hanuman ji ko Sindur kaise chadhaye) ?
तो दोस्तों अगर आप हनुमान जी की पूजा करते होंगे, तो उनकी पूजा करते वक्त आप सिंदूर का इस्तेमाल तो करते ही होंगे। क्योंकि हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाने से हनुमान जी बहुत ही ज्यादा प्रसन्न होते हैं। लेकिन क्या आपको हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाने का सही तरीका मालूम है? क्योंकि किसी भी काम को अगर सही तरीके से किया जाए, तभी आपको उसका पूरा फल देखने को मिलता है। इसलिए जब तक आप हनुमान जी को सही तरीके से सिंदूर नही चढ़ाएंगे तब तक उसका आपको बिल्कुल भी फायदा नहीं मिलेगा। इसलिए आपको हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाने का सही तरीका जानना बहुत ही ज्यादा जरूरी है, चलिए हम आपको हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाने के सही तरीके के बारे में बताते हैं।
- हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाने के लिए मंगलवार का दिन सबसे ज्यादा शुभ माना जाता है, तो इस दिन सबसे पहले जल्दी स्नान करके आपको साफ सुथरे वस्त्र धारण करना है। हो सके तो लाल रंग के वस्त्र धारण करें।
- इतना करने के बाद आपको सबसे पहले गंगाजल लेकर हनुमान जी की प्रतिमा का अभिषेक करना है।
- अब बात आती है हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाने की। तो सही तरीके से हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाने के लिए सबसे पहले सिंदूर में चमेली का तेल मिलाएं, और सिंदूर को सबसे पहले हनुमान जी के चरणों में लगाएं, और चरणों में लगाने के बाद सिंदूर को हनुमान जी के मुख से लेकर नीचे तक लगाएं।
- इतना करने के बाद हनुमान जी को साफ-सुथरे वस्त्र पहनाएं और उसके बाद 21 पीपल के पत्तों पर उसी सिंदूर से श्रीराम लिखकर उसकी माला बनाकर हनुमान जी को पहना दे, और उसके बाद हनुमान जी को भोग लगाएं और धूपबत्ती जलाकर हनुमान चालीसा का पाठ करें।
- हनुमान चालीसा का पाठ करने के बाद हनुमान जी के चरणों से थोड़ी सी सिंदूर लेकर, उसे अपने मस्तिष्क में लगा ले, इसमें आपको हनुमान जी की कृपा प्राप्त होगी और आप सभी संकटों से बचे रहेंगे।
तो यह था हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाने का सही तरीका। तो अब आप जब भी हनुमान जी की पूजा के लिए सिंदूर का इस्तेमाल करें, तब हमारे बताए गए इस तरीके से ही हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाएं, ताकि आपको उसका पूरा फल प्राप्त हो।
हनुमान जी को कैसे प्रसन्न करे (Hanuman ji ko Kaise Prasan Kare)?
आप घर में हनुमान जी की पूजा तो हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए ही करते हैं, तो हम आपको बता दें कि हनुमान जी अपने भक्तों से बहुत ही जल्दी प्रसन्न हो जाते हैं, और जिस व्यक्ति से हनुमान जी प्रसन्न होते हैं उस व्यक्ति को कभी भी किसी चीज की तकलीफ नहीं होती है, क्योंकि उसके ऊपर स्वयं संकट मोचन हनुमान जी का आशीर्वाद होता है। तो ऐसे में अगर आप भी हनुमान जी की कृपा प्राप्त करने के लिए हनुमान जी को प्रसन्न करना चाहते हैं, तो नीचे हमने आपको हनुमान जी को प्रसन्न करने के तरीकों के बारे में बताया है, जिससे आप आसानी से हनुमान जी को प्रसन्न करके उनकी कृपा प्राप्त कर सकते हैं।
तो दोस्तों जैसा कि हमने आपको बताया कि मंगलवार का दिन हनुमान जी को समर्पित होता है, तो इस दिन किया गया कोई भी कार्य से आप आसानी से हनुमान जी को प्रसन्न कर सकते हैं। जैसे कि अगर आप मंगलवार को हनुमान जी को 11 पीपल के पत्ते अर्पित करते हैं, तो इससे हनुमान जी बहुत ही ज्यादा प्रसन्न होते हैं। इसी के साथ-साथ अगर उनकी पूजा में सिंदूर या फिर सिंदूर के चोले का इस्तेमाल किया जाए, तो इससे भी हनुमान जी बहुत ही ज्यादा प्रसन्न होते हैं, और अगर हनुमान जी के भोग की बात करें, तो उन्हें बूंदी के लड्डू का भोग अति प्रिय होता है। इसलिए भोग में उन्हें बूंदी के लड्डू लगाना ना भूलें।
इसके अलावा भी ऐसे कई प्रकार के कार्य होते हैं जिससे आप आसानी से हनुमान जी को प्रसन्न कर सकते हैं। जैसे कि मंगलवार के दिन हनुमान चालीसा का पाठ करना, या फिर हनुमान जी के मंत्र का पाठ करना। यह जरूरी नहीं कि आप सिर्फ मंगलवार को ही इन सभी चीजों का पालन करें, आप रोजाना भी इन चीजों का पालन करके हनुमान जी को प्रसन्न कर सकते हैं। तो इन सारे तरीकों से आप आसानी से हनुमान जी को प्रसन्न करके उनकी कृपा प्राप्त कर सकते हैं।
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हनुमान जी को पान कैसे चढ़ाए (Hanuman Ji ko Paan Kaise Chadhaye)?
तो दोस्तों जैसा कि ऊपर हमने आपको सिंदूर के बारे में बताया था, तो हम आपको बता दें कि सिंदूर के साथ-साथ हनुमान जी की पूजा में पान का भी बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण स्थान है। क्योंकि पान अर्पित करने से भी हनुमान जी बहुत ही ज्यादा प्रसन्न होते हैं। तो बात आती है कि हनुमान जी को पान अर्पित कैसे किया जाए। क्योंकि आप में से ऐसे कई लोग होंगे जिन्हें हनुमान जी को पान अर्पित करना नहीं आता होगा। तो चलिए हम आपको हनुमान जी को पान अर्पित करने के सही तरीके के बारे में बता देते हैं।
अगर बात करें हनुमान जी को पान अर्पित करने के दिन की, तो पान अर्पित करने के लिए भी मंगलवार और शनिवार का दिन सबसे ज्यादा शुभ दिन होता है। तो इस दिन आप हनुमान जी को पान अर्पित कर सकते हैं, और अगर बात करें हनुमान जी को पान अर्पित करने के तरीके की, तो हनुमान जी को पान के पत्ते चढ़ाने के लिए सबसे पहले हनुमान जी को सिंदूर में चमेली का तेल मिलाकर उन्हें चोला अर्पित करें। उसके बाद 5 पान के पत्ते और 5 पीपल के पत्ते लें, और उसकी एक माला बनाकर हनुमान जी को पहना दे।
इस प्रकार से आप सही तरीके से हनुमान जी को पान अर्पित कर सकते हैं, और कहा जाता है कि इस तरीके से हनुमान जी को पान अर्पित करने से आपको अपने जीवन में बहुत ही ज्यादा तरक्की प्राप्त होती है, और इसी के साथ आप चाहे तो खाली पान के पत्तों को भी हनुमान जी के चरणों में अर्पित करके उन्हें पान अर्पित कर सकते हैं। इससे भी हनुमान जी बहुत ही ज्यादा प्रसन्न होते हैं और आपकी हर मनोकामना पूर्ण होती है।
हनुमान जी को सरसो का तेल कैसे चढ़ाए (Hanuman Ji ko Sarso ka tail kaise chadhaye) ?
अगर आप हनुमान जी की पूजा करते होंगे, तो आप उसमें सरसों के तेल का तो इस्तेमाल करते ही होंगे। यानी कि आप सरसों के तेल का दीपक हनुमान जी के सामने तो जलाते ही होंगे। तो क्या आपको हनुमान जी की पूजा में सरसों के तेल का सही इस्तेमाल करना आता है। हम आपको बता दें कि हनुमान जी की पूजा करते वक्त सरसों के तेल का इस्तेमाल बहुत ही सावधानी पूर्वक करना चाहिए, तभी आपको इसका पूरा फल मिलता है। तभी हनुमान जी आपसे प्रसन्न होते हैं। तो चलिए आपको बताते हैं कि हनुमान जी को सरसों का तेल कैसे चढ़ा सकते हैं।
कहा जाता है कि अगर कोई व्यक्ति हनुमान जी की पूजा करते वक्त सरसों के तेल का दीपक जलाता है, तो इससे उसकी हर समस्या का हल मिल जाता है, और उसे अपने सभी दुख दर्द से मुक्ति मिलती है। तो अगर आप भी हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए सरसों के तेल का दीपक जलाते हैं, तो आपको यह जानना जरूरी है कि आपको सरसों के तेल का दीपक किस प्रकार से जलाना चाहिए। तो इसके लिए हम आपको बता दें कि आप चाहे हनुमान जी की पूजा अपने घर में करते हो या फिर मंदिर जाकर करते हो, आपको हर मंगलवार और शनिवार को हनुमान जी की पूजा करते वक्त सरसों के तेल का दीपक जलाना है, और यह आपको लगातार 40 दिनों तक करना है। यानी कि आपको हर मंगलवार और शनिवार के दिन लगातार 40 दिनों तक यह कार्य करना है, और दीपक जलाने के बाद हनुमान चालीसा का पाठ करना है। ऐसा करने से आपकी हर परेशानी हनुमान जी समाप्त कर देते हैं, और आपको अपना आशीर्वाद प्रदान करते हैं।
एक और बात की हनुमान जी के सामने सरसों के तेल का दीपक जलाने के बाद यह ध्यान रखें कि दीपक जलाने के बाद उन्हें चढ़ाए गए पीले संदूर का तिलक करना ना भूलें।
हनुमान जी को सरसों के तेल का दीपक जलाने से क्या होता है (Hanuman Ji ko Sarso ke Tail ka Deepak Jlane se kya hota hai)?
ऊपर आपने यह तो जान ही लिया है कि आप सरसों के तेल का दीपक हनुमान जी को कैसे जला सकते हैं, तो क्या आपको मालूम है कि हनुमान जी को सरसों के तेल का दीपक जलाने से क्या होता है? यानी कि इससे आपको क्या फल प्राप्त होता है। अगर नहीं तो चलिए हम आपको बता देते हैं कि आखिर हनुमान जी को सरसों के तेल का दीपक जलाने से क्या होता है।
- हनुमान जी को सरसों के तेल का दीपक जलाने से हनुमान जी बहुत ही ज्यादा प्रसन्न होते हैं और आपको अपना आशीर्वाद प्रदान करते हैं।
- हर मंगलवार और शनिवार को अगर आप हनुमान जी के प्रतिमा के आगे सरसों के तेल का दीपक जलाते हैं तो इससे आपके हर संकट दूर होते हैं। क्योंकि स्वयं हनुमान जी आपकी रक्षा करते हैं।
- जो व्यक्ति हनुमान जी को सरसों के तेल का दीपक जलाता है उसके घर में कभी भी धन की कमी नहीं होती है सरसों के तेल का दीपक जलाने से धन प्राप्ति के संयोग बनते हैं।
हनुमान जी को क्या पसंद है (Hanuman Ji Ko Kya Pasand Hai)?
तो दोस्तों जैसा कि आप अपने घर के सभी सदस्यों के पसंद नापसंद का ध्यान रखते हुए कार्य करते हैं, कि उन्हें क्या पसंद है और उन्हें क्या पसंद नहीं है। इसलिए हम आपको बता दें कि आपको हनुमान जी की पूजा में भी यह ध्यान रखना चाहिए कि हनुमान जी को क्या पसंद है और क्या नहीं। क्योंकि अगर आप हनुमान जी की पसंद नापसंद को ध्यान में रखकर उनकी आराधना करते हैं, तो वह आपसे जल्दी प्रसन्न होते हैं, और आपको अपना आशीर्वाद प्रदान करते हैं। तो अब सवाल आता है कि ऐसी कौन-कौन सी चीजें हैं जो हनुमान जी को बहुत ही ज्यादा पसंद है। तो चलिए हम आपको बताते हैं कि हनुमान जी को क्या पसंद है।
1:बूंदी के लड्डू
अगर हनुमान जी के पसंदीदा भोग की बात करें, तो वह है बूंदी का लड्डू। बूंदी का लड्डू हनुमान जी को बहुत ही ज्यादा प्रिय होता है, इसलिए जब भी आप उनकी पूजा आराधना करें, तब उन्हें उन्हें बूंदी के लड्डू भोग में लगाना ना भूलें इससे वे बहुत ही जल्दी प्रसन्न होते हैं।
2: पान का बीड़ा
पान का बीड़ा भी हनुमान जी को बहुत ही ज्यादा प्रिय होता है, तो ऐसे में अगर आप उन्हें प्रसन्न करने के लिए पान का बीड़ा अर्पित करते हैं, तो इससे भी हनुमान जी बहुत ही ज्यादा प्रसन्न होते हैं।
3:पंचमेवा
हम आपको बता दे कि पंचमेवा का भोग भी हनुमान जी को बहुत ही ज्यादा प्रिय होता है, अब आप सोच रहे होंगे कि यह पंचमेवा क्या है। तो हम आपको बता दें कि काजू, किसमिस, बादाम, छुहारा, और खोपरागीट को ही पंचमेवा कहा जाता है।
4:पीपल का पत्ता
तो दोस्तों आपको यह तो मालूम है कि हनुमान जी श्री राम जी के परम भक्त हैं, तो ऐसे में अगर आप पीपल के पत्ते पर सिंदूर से श्री राम नाम लिखकर उन्हें अर्पित करते हैं तो इससे भी वह बहुत ही ज्यादा प्रसन्न होते हैं।
तो यह थे कुछ ऐसी चीज है जो हनुमान जी को बहुत ही ज्यादा पसंद है। इसके अलावा और कई चीजें हैं जैसे कि गुड़ और चने का भोग, नारियल, रोठ, जलेबी, इमरती इन सभी चीजों का उपयोग आप हनुमान जी के भोग के रूप में कर सकते हैं। यह सारी चीजें हनुमान जी को बहुत ही ज्यादा पसंद है। और एक और बात कि जब भी हनुमान जी को भोग लगाएं, तो भोग में तुलसी पत्ते डालना ना भूलें, क्योंकि तुलसी हनुमान जी को बहुत ही ज्यादा प्रिय होता हैं।
हनुमान जी को तुलसी की माला (Hanuman ji ko Tulsi ki mala)
तो दोस्तों आप सभी हनुमान जी की पूजा करते ही होंगे और पूजा करते वक्त आप उन्हें फूलों की माला तो अर्पित करते ही होंगे। लेकिन क्या आपने कभी हनुमान जी को तुलसी की माला अर्पित की है। अगर नहीं तो आपको हनुमान जी की पूजा करते वक्त उन्हें तुलसी की माला जरूर चढ़ानी चाहिए। क्योंकि मान्यता है कि हनुमान जी को तुलसी बहुत ही ज्यादा प्रिय होता है, और अगर आप उनकी पूजा में तुलसी की माला अर्पित करते हैं, तो उससे वह बहुत ही ज्यादा प्रसन्न होते हैं।
इतना ही नहीं जो व्यक्ति हनुमान जी को तुलसी की माला अर्पित करता है, उसे उसके सभी दुख दर्द से मुक्ति मिलती है। उसके घर में सुख समृद्धि बनी रहती है, और उस व्यक्ति को कभी भी किसी भी चीज की तकलीफ नहीं होती है, क्योंकि हनुमान जी को तुलसी की माला चढ़ाने से, व्यक्ति के जीवन में धन प्राप्ति के योग बनते हैं। इसलिए हनुमान जी की पूजा करते वक्त आपको तुलसी की माला का भी उपयोग करना चाहिए।
हनुमान जी को कौन सा दीपक जलाना चाहिए (Hanuman Ji ko kon sa deepak janana chiye)?
तो दोस्तों आप जब भी हनुमान जी की आरती करते होंगे, या फिर हनुमान चालीसा का पाठ करते होंगे, तब आप दीपक का उपयोग तो करते ही होंगे। तो क्या आपको मालूम है कि हनुमान जी को कौन सा दीपक जलाना चाहिए। वैसे यहां बात दीपक की नहीं बल्कि तेल की हो रही है, यानी कि आपको कौन से तेल का दीपक हनुमान जी को जलाना चाहिए। तो इसका सीधा-सीधा जवाब यह है कि हनुमान जी का जो तेल प्रिय है, उसी तेल का दीपक आपको हनुमान जी को जलाना चाहिए, और अगर हनुमान जी के प्रिय तेल की बात करें, तो हनुमान जी को चमेली का तेल बहुत ही ज्यादा प्रिय होता है। यानी कि आपको चमेली के तेल का दीपक ही हनुमान जी को जलाना चाहिए।
लेकिन अगर आप चाहे तो सरसों के तेल का दीपक भी हनुमान जी को जला सकते हैं, इससे भी हनुमान जी प्रसन्न होते हैं। लेकिन चमेली का तेल हनुमान जी को बहुत ही ज्यादा प्रिय होता है, इसलिए कोशिश करें कि हनुमान जी को चमेली के तेल का ही दीपक जलाएं।
हनुमान जी को चमेली के तेल का दीपक कैसे जलाए (Hanuman Ji ko Chameli ke tail ka deepak kaise jlaye)?
तो दोस्तों जैसा कि हमने ऊपर आपको बताया कि हनुमान जी को चमेली के तेल का दीपक बहुत ही ज्यादा प्रिय होता है, इसलिए आपको हनुमान जी की पूजा करते वक्त चमेली के तेल का दीपक हनुमान जी को जलाना चाहिए। जिससे कि हनुमान जी बहुत ही ज्यादा प्रसन्न होंगे। तो अब हम आपको बताने वाले हैं कि आप चमेली के तेल का दीपक हनुमान जी को कैसे जला सकते हैं। ताकि आप आसानी से उन्हें प्रसन्न कर सकें। तो चलिए जानते हैं कि हनुमान जी को चमेली के तेल का दीपक कैसे चलाया जाए।
अगर बात करें हनुमान जी को चमेली के तेल का दीपक जलाने के सही तरीके की, तो हम आपको बता दें कि अगर आप मंगलवार या फिर शनिवार के दिन आटे से बने दीपक में चमेली के तेल को डालकर अपने हाथों से बनाई गई बाती से, हनुमान जी को दीपक जलाते हैं। तो इससे हनुमान जी बहुत ही ज्यादा प्रसन्न होते हैं, और आपको अपना आशीर्वाद प्रदान करते हैं। तो इस तरह से आप हर मंगलवार और शनिवार के दिन चमेली के तेल का दीपक हनुमान जी को जला सकते है।
हनुमान जी को कोन सा फूल पसंद है (Hanuman Ji ko Kon sa phul pasand hai)?
तो दोस्तों हनुमान जी हो या कोई भी देवी देवता हो उनकी पूजा करते वक्त फूलों का इस्तेमाल जरूर किया जाता है। यानी की उन्हे फूल अर्पित जरूर किए जाते हैं, वैसे तो हम देवी देवताओं को फूल अर्पित करते वक्त ध्यान नहीं देते कि हम उन्हें कौन सा फूल अर्पित कर रहे हैं। लेकिन हम आपको बता दे की देवी देवताओं को अगर आप उनके मनपसंद फूल अर्पित करते हैं, तो इससे आपको उनकी असीम कृपा प्राप्त होती है, और वह बहुत ही जल्दी आपसे प्रसन्न होते हैं।
तो हम बात कर रहे हैं हनुमान जी की, तो अगर हनुमान जी के पसंदीदा फूलों के बात करें, तो उन्हें लाल रंग के पुष्प बहुत ही ज्यादा प्रिय होते हैं। इसलिए उन्हें लाल गुलाब, गुड़हल, और गेंदे का फूल अर्पित करना बहुत ही ज्यादा शुभ माना जाता है, और इससे वह बहुत ही ज्यादा प्रसन्न भी होते हैं। तो कोशिश करें कि जब भी आप हनुमान जी की पूजा करें, तो उसमें लाल रंग के फूलों का ही इस्तेमाल करें, और आप चाहे तो हनुमान जी की पूजा करते वक्त चमेली के फूल का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। चमेली का फूल भी हनुमान जी को बहुत ही ज्यादा प्रिय होता है।
हनुमान जी को खुश करने के लिए मंत्र (Hanuman ji ko Khush kerne ke kiye kon sa mantra hai) ?
दोस्तों जैसा कि हमने आपको ऊपर एक मंत्र के बारे में बताया था जिस मंत्र का जाप करके आप साक्षात हनुमान जी के दर्शन कर सकते है। तो हम आपकी जानकारी के लिए बता दें कि हनुमान जी के सिर्फ एक ही नहीं बल्कि हजारों मंत्र है, जिसका जाप करने से आपको अलग-अलग लाभ प्राप्त होते हैं। तो उनमें हनुमान जी का एक मंत्र है जिसका जाप करके आप आसानी से हनुमान जी को खुश कर सकते हैं, और यह तो आपको पहले से ही मालूम है कि आप अगर हनुमान जी को खुश करते हैं, तो आपको क्या-क्या फायदे होते हैं लेकिन अगर आपको नहीं मालूम है तो हम आपको बता देंगे अगर आप हनुमान जी को खुश करते हैं तो इससे हनुमान जी का आशीर्वाद आपको मिलता है, और संकटों से हनुमान जी आपकी रक्षा करते हैं, और आपके घर में हमेशा खुशी का माहौल रहता है, और आपके घर में कभी भी नकारात्मक ऊर्जा प्रवेश नहीं कर पाती है। तो हमें मालूम है कि अब आप उस मंत्र को जानने के लिए उतावले होते होंगे, कि वह कौन सा मंत्र है जिससे कि आप हनुमान जी को प्रसन्न कर सकते हैं, तो चलिए हम आपको उस मंत्र के बारे में बता देते हैं
वह मंत्र है–
अतुलितबलधामं हेमशैलाभदेहं दनुजवनकृशानुं ज्ञानिनामग्रगण्यम्।
सकलगुणनिधानं वानराणामधीशं रघुपतिप्रियभक्तं वातजातं नमामि॥
ॐ अंजनिसुताय विद्महे वायुपुत्राय धीमहि तन्नो मारुति प्रचोदयात्।
तो इस मंत्र का जाप आप मंगलवार को कर सकते हैं इससे हनुमान जी बहुत ही ज्यादा खुश होते हैं, और आपको अपना आशीर्वाद प्रदान करते हैं।
हनुमान जी से बात कैसे करे (Hanuman ji se Baat kaise kare)?
हनुमान जी से बात करना। दोस्तों इसे पढ़ने के बाद अब आप यह सोच रहे होंगे कि क्या हनुमान जी से बात करना संभव है। तो हम आपको बता दें की यह हनुमान जी से बात करने का अर्थ यह नहीं है कि आप हनुमान जी से सीधे तौर पर बातचीत कर पाए। हनुमान जी से बात करने का अर्थ यह है, कि आप अपनी मनोकामना हनुमान जी तक पहुंचा पाए, और वह मनोकामना हनुमान जी पूर्ण करें। इसलिए हमने आपको यहां हनुमान जी से बात कैसे करें कहां है। तो दोस्तों क्या आपको मालूम है कि आप हनुमान जी से कैसे बात कर सकते हैं यानी कि कैसे आप अपनी इच्छा हनुमान जी को बता सकते हैं। क्योंकि जब तक हनुमान जी को आपकी इच्छा के बारे में पता नहीं होगा, वह भला आपकी इच्छा कैसे पूरा करेंगे। तो चलिए हम आपको बताते हैं कि आप कैसे हनुमान जी से बात कर सकते हैं यानी कि कैसे आप उन्हें अपनी इच्छा बता सकते हैं।
1: हनुमान जी से बात करके अपनी इच्छा उन्हें बताने के लिए आपको हर मंगलवार और शनिवार को विशेष तौर पर हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए। आप चाहे तो इसका पाठ रोज भी कर सकते हैं, इससे हनुमान जी और भी जल्दी प्रसन्न होते हैं, और आपकी इच्छा पूरी करते हैं।
2: और इस बात का ध्यान रखें कि जब भी आप हनुमान जी की पूजा कर रहे हैं, यानी कि मंगलवार और शनिवार के दिन, आपको ब्रम्हचर्य का पालन करना है और उस दिन आपको लहसुन और प्याज जैसी चीजें नहीं खानी है ऐसा करने से आपकी हर इच्छा हनुमान जी तक पहुंचती है और वह पूरी होती है।
3: हनुमान जी को अपनी मनोकामना बताने के लिए उनकी पूजा करते वक्त उनकी प्रतिमा के आगे 3 कोनो वाला दीपक जरूर जलाएं, और ध्यान रखें कि उस दीपक में आप चमेली का तेल ही डालें। क्योंकि चमेली का तेल हनुमान जी को बहुत ही ज्यादा प्रिय होता है।
4: हनुमान जी को पान का बीड़ा और चने और गुड़ का प्रसाद भोग के रूप में अर्पित करके भी आप अपनी बात आसानी से हनुमान जी तक पहुंचा सकते है, क्योंकि पान और गुड़ चना हनुमान जी को बहुत ही ज्यादा प्रिय होता है।
5: कहा जाता है कि जिस स्थान पर भगवान राम की पूजा होती है, उस स्थान पर हनुमान जी जरूर विराजमान होते हैं। इसलिए अगर आप हनुमान जी से बात करना चाहते हैं, तो हनुमान जी के साथ-साथ श्री राम जी, लक्ष्मण जी एवं सीता जी की भी पूजा करना ना भूलें।
तो यह थे कुछ तरीके जिनकी मदद से आप हनुमान जी से बात कर सकते हैं, यानी कि अपनी मनोकामना हनुमान जी तक पहुंचा सकते हैं और हमारे द्वारा बताए गए इन तरीकों को अगर आप श्रद्धा पूर्वक निस्वार्थ मन से करते हैं तो हनुमान जी आपकी मनोकामना जरूर पूर्ण करते हैं।
हनुमान जी का शरीर में आना (Hanuman Ji ka Sarir mai kaise aata hai)
तो दोस्तों सोते वक्त आपको सपने तो आते ही होंगे, तो अगर आपको ऐसा सपना आता है जिसमें कि हनुमान जी आपके शरीर में प्रवेश करते हैं, तो यह सपना आपके लिए बहुत ही ज्यादा शुभ माना जाता है। क्योंकि आपको यह तो मालूम है कि हर सपना आपको कुछ संकेत देता ही है। तो अगर इस सपने की बात करें तो यह सपना आपको बताता है कि आने वाले समय में आपके ऊपर हनुमान जी की कृपा और आशीर्वाद बने रहने वाली है, और यह सपना आपको यह संकेत भी देता है कि हनुमान जी आपसे बहुत ही ज्यादा प्रसन्न है। इसलिए आपको इस अपने से खुश होना चाहिए।
इतना ही नहीं अगर कोई बीमार व्यक्ति यह सपना देखता है तो यह सपना उसे बताता है कि आने वाले समय में उसे उसकी बीमारी से मुक्ति मिलने वाली है, यानी कि उसका स्वास्थ्य बेहतर होने वाला है। अगर आप ऐसा सपना देखते हैं जिसमें कि हनुमान जी आपके शरीर में प्रवेश कर रहे हैं, तो इस सपने से आपको घबराना नहीं चाहिए, यह सपना आपके लिए बहुत ही ज्यादा शुभ होता है।
मनोकामना पूर्ति के हनुमान जी के उपाय (Hanuman Ji ke Upay)
हम आपको बता दें कि हनुमानजी को आठ सिद्धियां प्राप्त थी इसलिए उन्हें अष्ट सिद्धि नौ निधि के दाता कहा जाता है। इसलिए अगर आप उन्हें प्रसन्न करते हैं तो आपकी हर मनोकामना हनुमान जी पूर्ण करते हैं। ऐसे कई सारे उपाय हैं जिनकी मदद से आप हनुमान जी से अपनी मनोकामना पूर्ति हेतु आग्रह कर सकते हैं उनमें से कई तरीकों के बारे में तो हमने आपको ऊपर के पॉइंट्स में ही बता दिया है। लेकिन चलिए आपको कुछ ऐसे असरदार उपायो के बारे में बताते हैं जिससे कि हनुमान जी आपकी हर मनोकामना पूर्ण करते हैं।
- अगर आप हनुमान जी की प्रतिमा के आगे सरसों के तेल का दीपक जलाते हैं, और उसके बाद हनुमान चालीसा या फिर रामचरितमानस के कुछ दोहे का पाठ करते हैं, तो इससे हनुमान जी आपकी हर मनोकामना पूर्ण करते हैं।
- अगर आप हफ्ते में 2 दिन मंगलवार और शनिवार के दिन हनुमान जी के मंदिर में जाकर 11 काले उड़द के दाने, चमेली का तेल, पुष्प, सिंदूर और प्रसाद आदि हनुमान जी को अर्पित करते हैं, तो इससे भी हनुमान जी बहुत ही ज्यादा प्रसन्न होते हैं, और आपकी हर मनोकामना पूर्ण होती है।
- अगर आप भी चाहते हैं कि हनुमान जी आपकी मनोकामना पूर्ण करें, तो आपको मंगलवार और शनिवार के दिन ओम हनुमते नमः का जाप 108 बार करना चाहिए। इससे हनुमान जी आपकी हर मनोकामना पूर्ण करते हैं।
हनुमान जी को पान चढ़ाने के फायदे (Hanuman Ji ko Paan Chadhane Ke Fayde) ?
तो दोस्तों जैसा कि हमने आपको ऊपर हनुमान जी को पान चढ़ाने के बारे में बताया था, कि आप कैसे हनुमान जी को पान चढ़ा सकते हैं। तो चलिए अब हम आपको यह बता देते हैं कि आखिर हनुमान जी को पान चढ़ाने से आपको क्या-क्या फायदे मिलते हैं।
- अगर आप हनुमान जी को पान चढ़ाते हैं तो इससे आपके सारे दुख हनुमान जी हर लेते हैं।
- अगर आपकी कुंडली में मंगल दोष है, तो आपको हनुमान जी को पान चढ़ाना चाहिए, इससे मंगल ग्रह के दोष का प्रभाव कम होता है।
- अगर आप पान के ताजे ताजे पत्ते हनुमान जी को अर्पित करते हैं, तो इसे आपको कभी भी धन की कमी नहीं होती है। इसलिए हर मंगलवार और शनिवार के दिन हनुमान जी को ताजे पान के पत्ते जरूर अर्पित करें।
- हनुमान जी को पान के पत्ते अर्पित करने से घर में उपस्थित नकारात्मक ऊर्जा हमेशा के लिए समाप्त हो जाती है, और घर में हमेशा सकारात्मक ऊर्जा का वास रहता है।
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